१ पुस, जनकपुर । नेपाल धितोपत्र बोर्ड रिडी पावर कम्पनीके सञ्चालक समितिके अध्यक्ष गुरुप्रसाद न्यौपाने और नेपाल हाइड्रो डेभलपर्स कम्पनीके अध्यक्ष ज्ञानेन्द्रलाल प्रधान अवैध रुपमे सेयर कारोबार कैलक ठहर भेल अछी । बोर्डके सञ्चालक समिति न्यौपाने और प्रधान दुनु गोटा प कारबाही प्रक्रिया अगाडी बढाईब निर्णय भेल छै ।
अपने सञ्चालक समितिमे रहिके अवस्थामे सेयर कारोबार कयल गेल बारेमे बोर्ड कैईने अध्ययनमे न्यौपाने और प्रधान दोषी भेटल छल । दुनु गोटा कानुन विपरीत सेयर कारोबार कैलक कहैत् बोर्डके विभागीय स्तर स् हदैसम्मके कारवाही करब सिफारिस भेला बाद बोर्डके सञ्चालक समिति दुनु गोटाके स्पष्टीकरण पुईछके कारबाही प्रक्रिया अगाडी बढाईब निर्णय भेल छै ।
कानुन विपरीत सेयर कारोबार कैलगेल बारेमे न्यौपाने और प्रधान चित नै बुझ्वाला स्पष्टीकरण देला प् कानुन अनुसार कारबाही करब बोर्ड स्रोत बतैलक । ‘बजारमे मन लाग्ल करवाला उपर बोर्ड कारबाही नै करब अवस्था आब नैरहल हबे,’ बोर्डके एक अधिकारी कहलक, ‘कारबाही प्रक्रिया पूरा कके बोर्ड स् कोण हदसम्म सजाय तय होईत् ।
सञ्चालक समिति रहला प् वा सञ्चालक समिति छोरल एक वर्षभित्र अपने वा अपना घरके कोई व्यक्ति सम्बन्धित कम्पनीके सेयर कारोबार कर नै सकत व्यवस्था छै । तईयो, उ सञ्चालक समिति अध्यक्ष वा सञ्चालक समिति सदस्य रहलो पे और पद छोरलासाथ सेयर कारोबार करैत् भेटल बोर्डके अनुसन्धान स देखल गेल अछी ।
प्रधान कम्पनीके अध्यक्ष पद छोरल साथ नियम विपरीत श्रीमती, बेट़ा और बेटी नाममे रहल ६ करोड रुपैयाँ स् बेसी मूल्यके सेयर बिक्री कईने छल । रिडी पावरके अध्यक्ष रहल न्यौपाने १९ चैत २०७७ स् ४ भदौ २०७८ सम्म रिडी हाइड्रोपावरके २८ हजार ९५३ कित्ता सेयर किनके ३९ हजार २२३ कित्ता सेयर बेचने छल ।
बोर्ड न्यौपाने अपने और वोकर परिवारके सदस्य उक्त कम्पनीके सेयर दोसर बजारमे कानून विपरीत बेचने कहैत् ६ पुस २०७८ मे कारबाही सिफारिस प्रतिवेदन बुझाएल छल ।
बोर्डके स्रोत अनुसार, ‘सूचना लीक कके कारोबार कयल गेल पुष्टि भेला प् हुंकार सबके कैद सजायसम्म हुव सकैय और १० वर्षसम्म पब्लिक सञ्चालक बन्न नैपायत् कारबाही होई सकैय ।’