२८ मङ्सिर, जनकपुरधाम। राष्ट्रपति विद्या देवी भण्डारी एहि निष्कर्ष पर पहुँचल छथि जे सरकार एहन अध्यादेश नहि जारी करत जे गंभीर आपराधिक मामला सेहो वापस ल सकैत अछि। जे परिप्रेक्ष्य म॑ नया जनादेश मिलल छै, ओकरा राष्ट्रपति ई समझै छै कि केयरटेकर सरकार लोकतंत्र आरू संसदीय मूल्य के खिलाफ विवादित अध्यादेश लाव के कोशिश करी रहल छै।
राष्ट्रपति के राजनीतिक सलाहकार लाल बाबू प्रसाद यादव कहलनि जे, राष्ट्रपति अध्यादेश के गंभीरता स अध्ययन क रहल छथि, किया कि कार्यपालक प्रमुख सर्वोच्च न्यायालय मे लंबित मामला स संबंधित अध्यादेश आनि क स्वयं न्यायालय मे हस्तक्षेप करबाक प्रयास क रहल छथि। ओ कहलनि जे, राष्ट्रपति भण्डारी अध्यादेश पर चेक एंड बैलेंस के सिद्धांत के ध्यान मे राखि संविधान के अनुसार निर्णय करताह।