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२८ मङ्सिर, जनकपुरधाम। नेपाल वकील संघ आ सर्वोच्च न्यायालयक बार संघ आइ अलग-अलग प्रेस विज्ञप्ति जारी कए सरकारक अध्यादेश आनबाक कदम के निंदा केलक अछि जे पहिने हिंसक तरीका अपनाबय वाला राजनीतिक कार्यकर्ता के खिलाफ दायर सरकारी मामला के वापस लेबय मे सुविधा देल गेल अछि, मुदा सरकार सं प्रतिबद्धता व्यक्त करैत सरकार सं समझौता केने छल शांतिपूर्ण मुख्यधारा मे शामिल होबय लेल।

सरकार काल्हि राष्ट्रपति के अध्यादेश पठौने छल जाहि मे आपराधिक प्रक्रिया न्यायालय के धारा ११६ मे संशोधन करबाक प्रस्ताव देल गेल छल जाहि मे सरकार न्यायपालिका के कोनो स्तर पर राजनीतिक नेता आ कार्यकर्ता के खिलाफ दायर मुकदमा वापस ल सकैत अछि। आइ राति ८:०० बजे धरि राष्ट्रपति अध्यादेश केँ ठीक नहि केने छलाह। एनबीए के कहनाय छनि जे सरकार अध्यादेश लाबय के कोनो जायज कारण नहिं केने अछि जे तखने आनल जा सकैत अछि जखन संसद के सत्र नहिं होएत आओर एहन अध्यादेश लाबय के तात्कालिकता अछि।

एससी बार एसोसिएशन सेहो एकटा प्रेस विज्ञप्ति जारी करैत कहलक जे उक्त अध्यादेश अनबाक सरकारक कदम संवैधानिक वर्चस्व, कानून के राज, कानूनी मूल्य आ मानदंड, आपराधिक कानून के स्थापित सिद्धांत, आ सर्वोच्य के मिसाल के मजाक अछि।

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